2025-02-14
HaiPress
अब लोग आसानी से स्पैम कॉल और मैसेज के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं और टेलीकॉम कंपनियों को इस पर तुरंत एक्शन लेना होगा.
नई दिल्ली:
स्पैम कॉल्स और अनचाहे मैसेज (Spam Calls & Messages) से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है. सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को साफ चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने स्पैम रोकने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए,तो उन पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा. सरकार ने यह सख्त कदम इसलिए उठाया है ताकि उपभोक्ताओं को बिना सहमति के भेजे जाने वाले विज्ञापन मैसेज और कॉल्स से बचाया जा सके.
नई गाइडलाइंस के मुताबिक:
अगर कोई टेलीकॉम कंपनी स्पैम रिपोर्टिंग में गड़बड़ी करती है,तो पहली गलती पर 2 लाख,दूसरी बार 5 लाख और बार-बार गलती करने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना देना होगा. यह जुर्माना रजिस्टर्ड और अनरजिस्टर्ड (Registered & Unregistered) सेंडर्स पर अलग-अलग तरीके से लगाया जाएगा. टेलीकॉम कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जो विज्ञापन या प्रमोशनल मैसेज भेजे जा रहे हैं,वे ग्राहकों की सहमति (Consent) और प्राथमिकता (Preference) के आधार पर ही जाएं.
अब अगर किसी ग्राहक की शिकायत में कॉल या मैसेज भेजने वाले का नंबर,तारीख और स्पैम की संक्षिप्त जानकारी होगी,तो उसे वैध शिकायत माना जाएगा और कार्रवाई की जाएगी. वहीं,पहले 30 दिन में स्पैम भेजने वालों पर कार्रवाई होती थी,लेकिन अब इसे घटाकर 5 दिन कर दिया गया है.
इस बदलाव से स्पैम कॉल और मैसेज भेजने वालों पर जल्दी कार्रवाई होगी. इतना ही नहीं,ज्यादा संख्या में स्पैमर्रस (Spammers) पकड़े जा सकेंगे.लोगों को बिना सहमति के आने वाले प्रमोशनल कॉल्स और मैसेज से राहत मिलेगी.
अब लोग आसानी से स्पैम कॉल और मैसेज के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं और टेलीकॉम कंपनियों को इस पर तुरंत एक्शन लेना होगा. सरकार का यह फैसला सुरक्षित और भरोसेमंद टेलीकॉम सिस्टम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. अगर आप भी स्पैम कॉल और मैसेज से परेशान हैं,तो अपनी टेलीकॉम कंपनी के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके या TRAI के जरिए इसकी शिकायत जरूर करें.