2025-03-04
IDOPRESS
भारत की शहजादी को अबू धाबी में फांसी.
वो तो बस पैसे कमाना चाहती थी. प्यार में पागल शहजादी ने किसी अनजान पर भरोसा किया और सपनों के पंख ले एक अजनबी देश जा उड़ी. हवाई जहाज में सवार शहजादी कहां जानती थी कि वह तो बेची जा रही है और अपनी मौत के करीब जा रही है. बस यहीं से शुरू हुआ शहजादी की मौत का सफर... UAE की जेल में उसे 15 फरवरी को फांसी दे दी गई. परिवार अपनी लाड़ली को आखिरी बार देख तक न सका. ये कहानी है यूपी के बांदा की रहने वाली शहजादी खान (Shahzadi Khan) की. गरीब परिवार में पली-बड़ी शहजादी की आंखों में बस एक ही सपना था कि वह इतने पैसे कमा ले कि अपने जले हुए चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी करवा सके. दरअसल 8 साल की उम्र में रसोई में उसके चेहरे पर खौलता हुआ पानी गिर गया था. घर में इतने पैसे नहीं थे कि वह इलाज करवा सके. वह इसी सपने के साथ बड़ी हुई कि पढ़-लिख कर एक दिन इतने पैसे कमाएगी कि अपना चेहरा ठीक करवा सके.
प्रेमी की बातों में आकर साल 2021 में शहजादी चेहरे के इलाज के लिए अबू धाबी जाने के लिए राजी हो गई. वो कहां जानती थी कि अपने ही प्यार के हाथों वह बेची जा रही है. 90 हजार रुपए और कुछ जेवरात लेकर वह एक अनजान देश पहुंच तो गई लेकिन राह आसान नहीं थी. वो पढ़ी-लिखी थी और आत्मसम्मान के साथ नौकरी कर इलाज के लिए पाई-पाई जोड़ना चाहती थी. लेकिन वो कहां जानती थी कि प्रेमी उजैर ने उसके लिए कोई और ही जांल बुन रखा है. महज डेढ़ लाख रुपए में उजैर ने शहजादी को नौकरानी बना दिया.
इस बीच नाजिया ने एक बच्चे को जन्म दिया,जिसकी देख-रेख शहजादी के जिम्मे थी. बच्चा जब 4 महीने का था तो उसे टीका लगाया गया,जिसके कुछ ही घंटों बाद बच्चे की मौत हो गई. नाजिया और उसके पति ने अस्पताल पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया. अस्पताल वालों ने कहा कि बच्चे का पोस्टमार्टम करवा लो सच सामने आ जाएगा. लेकिन कपल इसके लिए तैयार नहीं हुआ और बच्चे को दफना दिया.
इसके बाद अबू धाबी की निचली और बड़ी अदालतों में शहजादी का मामला पहुंचा तो दोनों ही अदालतों ने उसे बच्चे की मौत का दोषी माना और मौत की सजा सुना दी. अबू धाबी की अल-बाथवा जेल में कैद शहजादी ने एक दिन घरवालों को कॉल कर उसके साथ हुए जुल्मों की पूरी दास्तां बयां कर दी. उसके बूढ़े माता-पिता को तब पहली बार ये पता चला कि 20 सितंबर 2024 के बाद उनकी बेटी को कभी भी मौत की सजा दी जा सकती है. माता-पिता ने नेताओं,फिल्मी हस्तियों,वकीलों के खूब चक्कर काटे लेकिन कुछ भी न हो सका. शहजादी के पिता शब्बीर खान ने बताया कि उन्होंने भारत सरकार से भी मदद की गुहार लगाई लेकिन उनको कोई मदद नहीं मिली.